महिला कमांडो के जज्बे से आईजी हुए अभिभूत, बोले: “मदद के लिए 200% सहयोग रहेगा”
लीलाधर साहू
गुण्डरदेही।
गुण्डरदेही में आयोजित महिला कमांडो के “प्रेरणा सम्मेलन” कार्यक्रम में महिला कमांडो के उत्साह और निस्वार्थ सेवा भाव ने मुख्य अतिथि दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग को मंत्रमुग्ध कर दिया। आईजी श्री गर्ग ने महिला कमांडो के आत्मविश्वास की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि आमतौर पर किसी गांव में जाने पर महिलाएं पुलिस से बात करने में भी झिझकती हैं, लेकिन यहां की महिलाएं न केवल मंच पर आ रही हैं, बल्कि बेहतरीन भाषण और कविताएं भी सुना रही हैं। उन्होंने परसदा की महिला कमांडो कचरी बाई द्वारा कविता के माध्यम से कमांडो के कार्यों के बखान की विशेष तारीफ की और एसपी को उनकी कविता को सहेज कर रखने का निर्देश दिया।
*पुलिस से समन्वय बनाकर करेंगे नए सिरे से काम*
आईजी ने महिला कमांडो को आश्वस्त किया कि उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा, “आप लोगों की जो भी जरूरत होगी, जैसे सिटी, टॉर्च, साड़ी, लाठी, उसकी लिस्ट बनाएं और हमें दें। हम धीरे-धीरे सारी चीजें उपलब्ध कराएंगे। एक महीने के भीतर सबसे पहले टॉर्च दिला दी जाएगी।” उन्होंने कमांडो के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह ये बिना कानून को हाथ में लिए सामाजिक बुराइयों पर लगाम लगाती हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने सहयोग का वचन देते हुए स्पष्ट किया, “हम कमांडो को आगे बढ़ाने के लिए 200% सहयोग करेंगे।”

*एसपी ने दिए निर्देश: बिट सिपाही रखें कमांडो से संपर्क*
कार्यक्रम में मौजूद बालोद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री योगेश कुमार पटेल ने महिला कमांडो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके जिले में यह संगठन सक्रिय है, जो गर्व की बात है। उन्होंने महाराष्ट्र में भी इसकी शुरुआत होने को गौरवपूर्ण बताया और कहा कि वे पुलिस प्रशासन की ओर से यथासंभव सहयोग करेंगे। एसपी को निर्देशित करते हुए आईजी ने कहा कि बिट सिस्टम के तहत हर सिपाही के पास अपने जिम्मेदारी वाले गांव की महिला कमांडो का नंबर होना चाहिए और वे लगातार उनके संपर्क में रहें, ताकि गांव की हर छोटी-बड़ी खबर तुरंत मिल सके। उन्होंने एसपी को पुलिस विभाग की ओर से महिला कमांडो को समय-समय पर क्लस्टर बनाकर ट्रेनिंग देने के लिए भी निर्देशित किया।एसपी पटेल ने महिला कमांडो से अपील की कि वे गांवों में फेरी वालों की सूचना तुरंत दें, ताकि पुलिस उनकी जांच कर सके और चोरी जैसी घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, उन्होंने स्मार्टफोन और इंटरनेट की धोखाधड़ी से बचने और प्रेम प्रसंग के बढ़ते मामलों पर बच्चों व पालकों को जागरूक करने की जिम्मेदारी उठाने का भी आग्रह किया।
*नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने किया 50 साड़ियां देने का ऐलान*
कार्यक्रम में नगर पंचायत गुंडरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा कि जिस प्रकार महिला कमांडो निस्वार्थ भाव से अपने गांव को और लोगो को सुरक्षित रखने का कार्य कर रही है वो बहुत ही सराहनीय है मैं महिला कमांडो के उत्साह को देखते हुए अपनी ओर से उन्हें 50 साड़ी उपलब्ध कराने की घोषणा करता हु । सहयोगी जनकल्याण समिति के सचिव रफीक खान ने अध्यक्ष प्रमोद जैन के इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि प्रमोद जैन जी का सहयोग और उनका प्रोत्साहन शुरुआत से ही महिला कमांडो के साथ रहा है।
*पद्मश्री शमशाद बेगम ने बताया 2006 से जारी है निस्वार्थ सेवा*
महिला कमांडो आंदोलन की प्रणेता पद्मश्री शमशाद बेगम ने बताया कि 2006 में 100 महिला कमांडो से शुरू हुआ यह कारवां आज बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की सहयोगी के रूप में कमांडो हमेशा तत्पर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला कमांडो निस्वार्थ भाव से समाज सुधार और सेवा में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि अब तक दान के माध्यम से 10,000 निर्धन बालिकाओं की शिक्षा में मदद की जा चुकी है। वर्तमान में बालोद जिले में 12,500 और कुल 14 जिलों में लगभग 72,000 कमांडो सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
*उत्कृष्ट कार्य के लिए पांच टीमों का सम्मान*
कार्यक्रम के अंत में, बालोद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच महिला कमांडो टीमों को प्रतीक चिन्ह और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इनमें जामुलवही (डौंडी), फागुनदाह (गुरुर), जेवरतला (गुण्डरदेही), परसदा (बालोद), और सिंगारपुर (डौंडीलोहारा) की टीमें शामिल थीं।

