गुण्डरदेही।
दुर्ग/भुवनेश्वर/भिलाई स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ टीम द्वारा लगातार 1,021 वें दिन स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान ग्राम नगपुरा, दुर्ग (छत्तीसगढ़) में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा के कथावाचन स्थल में संचालित किया गया।
समिति के मार्गदर्शन में नगपुरा स्थित कथा स्थल पर लगातार चौथे दिवस समिति के आजीवन सदस्य भागीरथी सिन्हा, डॉ हामेश्वर देशमुख, पूर्णिमा के नेतृत्व में टीम द्वारा कड़ाके की ठंड को देखते हुए श्रद्धालुओं को सुबह गर्म चाय का वितरण किया गया। इसके साथ ही स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाते हुए लोगों से उपयोग किए गए कप इधर-उधर न फेंकने की अपील की गई तथा एकत्र कर निर्धारित स्थान पर डंप कराया गया।
कथा श्रवण के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से प्रथम दिवस से अंतिम दिवस तक कथा स्थल को स्वच्छ बनाए रखने, कचरे को डस्टबिन में डालने और स्वच्छता का पालन करने का आग्रह किया गया। समिति के संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष नवनीत हरदेल ने कहा कि अपने जीवन काल में स्वच्छता को सभी लोगों को अपनाना चाहिए क्योंकि स्वच्छता में ही ईश्वर का वास होता है, इसलिए श्रद्धालु कथा स्थल पर गंदगी न फैलाएं स्वच्छ वातावरण में कथा का श्रवण करें।
ग्राम नगपुरा प्रभारी डॉ हामेश्वर देशमुख ने कहा कि समिति स्वयं स्वच्छता का पालन कर समाज को इसके लिए प्रेरित करने का कार्य कर रही है। दूसरी कड़ी में भिलाई नगर के भिलाई इस्पात संयंत्र के नवनीत कुमार हरदेल के पूर्व कार्यस्थल पर जहां पर टीम गठित है वहां पर रामेश्वर साहू के मार्गदर्शन पर साफ सफाई कर गुटखा पाउच, डिस्पोजल, झिल्ली, पानी बोतल आदि को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर डंप किया। तीसरी कड़ी में स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ के आजीवन सदस्य चितरंजन दुर्गा देशमुख की टीम द्वारा भुवनेश्वर (उड़ीसा) के शनि मंदिर जो मंदिर सिर्फ हर शनिवार को खुलता है वहां मंदिर परिसर के आसपास झाड़ू लगाकर साफ सफाई कर कचरे को निर्धारित स्थान पर डंप कर वहां पधारे श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
इस संयुक्त अभियान में प्रमुख रूप से आजीवन सदस्य भागीरथी सिन्हा, ग्राम नगपुरा प्रभारी डॉ हामेश्वर देशमुख, ग्राम नवागांव प्रभारी हेमेंद्र साहू, सदस्य गुणराज पटेल,अनुपम, अनुराग, पुर्णिमा,पीयूष देशमुख,चंपा देशमुख,चितरंजन दुर्गा देशमुख, रामेश्वर साहू, दमड़ी लाल, सुरेंद्र ठाकुर, प्रकाश भारती सहित अन्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

