गुण्डरदेही।
जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम जगन्नाथपुर में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा घटाकर किसान दलहन एवं तिलहन की खेती अपना रहे है। जिससें ग्राम जगन्नाथपुर में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा घटा है। गिरते भू-जल स्तर को बचाने और कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाने के उद्देश्य से इस वर्ष किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन और तिलहन फसलों की खेती की कर रहे हैं।
कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चन्द्राकर ने बताया कि जिले के बालोद विकासखंड के ग्राम जगन्नाथपुर में धान के रकबे में भारी कमी आई है। उन्होंने बताया कि ग्राम जगन्नाथपुर में कुल 424 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें से पिछले वर्ष 380 हेक्टेयर में ग्रीष्मकालीन धान की फसल ली गई थी। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के सतत मार्गदर्शन के बाद वर्ष 2025-26 में यह रकबा घटकर मात्र 120 हेक्टेयर रह गया है।
इसके साथ ही करीब 254 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने धान के बदले वैकल्पिक फसलों का चयन किया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में निरंतर भू-जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही ’कृषक चैपाल’ और जनसंपर्क के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है कि ग्रीष्मकालीन धान में अत्यधिक पानी की खपत होती है, जिससे भूमिगत जल स्तर तेजी से गिर रहा है।
इसके विकल्प के रूप में किसानों को गन्ना, मक्का, कुसुम, सूरजमुखी, दलहन और तिलहन फसल लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किसानों द्वारा उत्पादित दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी ’प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इससे किसानों को उत्पादित फसल का सही दाम भी मिलेगा। इसके अलावा किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी ले सकते हैं।

