नव चेतना समाजसेवी संगठन ने मूक-बधिर बच्चों के साथ मनाई अपनत्व की स्नेहमयी होली।
लीलाधर साहू गुण्डरदेही। बालोद। नव चेतना समाजसेवी संगठन ने अपने आदर्श वाक्य “सेवा ही सर्वोत्तम धर्म है” को जीवन-दर्शन मानते हुए पुनः यह सिद्ध किया कि सच्ची सेवा वही है, जिसमें संवेदना और समर्पण का संगम हो। प्रकृति-प्रेम, संरक्षण, जीव-दया, सामाजिक सेवा तथा धर्म एवं संस्कृति-संरक्षण जैसे पुनीत उपक्रमों के माध्यम से संगठन निरंतर समाज…

