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महतारी वंदन योजना से रोहनी का संघर्ष भरा कदम बढ़ा स्वावलंबन की ओर रोहनी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

बालोद जिले के ग्राम खैरडीह की रोहनी का संघर्ष भरा कदम महतारी वंदन योजना से अब स्वावलंबन की ओर बढ़ चुका है। रोहनी पटेल का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। पति की असमय मृत्यु ने न केवल उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया, बल्कि परिवार पर आर्थिक संकट के बादल भी गहरा दिए। रोहनी के कंधों पर वृद्ध सास की देखभाल और कॉलेज में पढ़ रहे दो बच्चों के भविष्य की महती जिम्मेदारी थी। सीमित संसाधनों और आय का कोई स्थाई जरिया न होने के कारण परिवार का भरण-पोषण एक बड़ी चुनौती बन गया था। विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने वाली रोहनी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में ’महतारी वंदन योजना’ एक वरदान बनकर आई।

एकीकृत बाल विकास परियोजना देवरी के माध्यम से उन्होंने योजना का लाभ लेना शुरू किया। हर माह मिलने वाली 01 हजार रुपये की सहायता राशि ने उनके भीतर आत्मविश्वास जगाया। रोहनी ने इस राशि को केवल घरेलू खर्चों में व्यय करने के बजाय इसे भविष्य के निवेश के रूप में देखा। उन्होंने 6-7 महीनों तक प्राप्त हुई किस्तों को संकलित किया और उस संचित पूंजी से अपने खेत में सब्जी उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। बीज, खाद और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था कर उन्होंने कड़ी मेहनत की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।

आज रोहनी पटेल न केवल अपने खेत में सब्जियां उगा रही हैं, बल्कि आसपास के ग्रामीण बाजारों में उन्हें बेचकर एक नियमित और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। अब वे सब्जी विक्रय से प्राप्त आय से अपने परिवार की दैनिक जरूरतों को आसानी से पूरा कर रही हैं। कॉलेज जा रहे उनके बच्चों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी है और वे अपनी वृद्ध सास की उचित सेवा कर पा रही हैं। महतारी वंदन योजना ने उन्हें उद्यमी बना दिया है, जिससे वे समाज में आत्मसम्मान के साथ जीवन जी रही हैं। महतारी वंदन योजना आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए केवल एक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि उनके सशक्तिकरण और सफलता का आधार स्तंभ बन चुकी है।

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