परस साहू बालोद
*20 से अधिक बस संचालक हुए शामिल, चालक-कर्मचारियों का सत्यापन, संदिग्ध पार्सल एवं मादक पदार्थों के परिवहन पर सख्त निगरानी रखने के दिए निर्देश*
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देशानुसार आज दिनांक 20.07.2026 को सिविल लाइन स्थित सी/4 भवन के सभाकक्ष में रायपुर के बस संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना, मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना तथा बस संचालकों के माध्यम से पुलिस एवं आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) गौरव मण्डल एवं अनुज, सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं साइबर) संजय सिंह एवं नरेश पटेल सहित एसीसीयू के अधिकारी तथा 20 से अधिक बस संचालक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बस संचालकों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीन कार्यरत चालकों, परिचालकों (क्लीनर) एवं अन्य कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराएं तथा उनके आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर, स्थायी एवं वर्तमान पते, फोटोग्राफ एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का अद्यतन रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। बिना सत्यापन किसी भी नए कर्मचारी को कार्य पर नहीं रखने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने विशेष रूप से कहा कि वर्तमान समय में नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक पदार्थ (छक्च्ै) की तस्करी रोकना पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए किसी भी स्थिति में बसों के माध्यम से प्रतिबंधित मादक पदार्थों का परिवहन न होने दें। यदि किसी यात्री, पार्सल अथवा अन्य माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका हो तो तत्काल निकटतम थाना, पुलिस कंट्रोल रूम अथवा एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट को सूचना दें।
बैठक में बस संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे बिना नाम, बिना पहचान अथवा बिना वैध प्रेषक एवं प्राप्तकर्ता विवरण वाले किसी भी पार्सल को स्वीकार न करें। सभी पार्सलों का उचित रिकॉर्ड रखा जाए तथा संदिग्ध वस्तु अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में प्राप्त पार्सलों की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। किसी भी संदिग्ध बैग, लावारिस सामान अथवा विस्फोटक जैसी प्रतीत होने वाली वस्तु को स्वयं खोलने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचित करें।
यात्रियों की सुरक्षा के संबंध में निर्देश दिए गए कि बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों का आवश्यक विवरण दर्ज किया जाए तथा बिना नाम-पता अथवा संदिग्ध पहचान वाले व्यक्तियों को यात्रा कराने से बचें। यात्रा के दौरान यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध गतिविधि करता हुआ दिखाई दे, असामान्य व्यवहार करे या अवैध सामग्री ले जाते हुए प्रतीत हो तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त बस संचालकों को निर्देशित किया गया कि बस स्टैंड एवं बसों में लगे सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रखें। सभी बस संचालकों ने पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

