परस साहू बालोद
रनचिराई से गुण्डरदेही तक का मार्ग आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। सड़क को देखकर यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, कर्मचारी और मरीज इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन उन्हें हर दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
इस सड़क की मरम्मत एवं निर्माण के लिए अब तक अनेक आवेदन, ज्ञापन और निवेदन संबंधित विभाग एवं प्रशासन को दिए जा चुके हैं। कई बार अधिकारियों का ध्यान भी आकर्षित कराया गया, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। बीच-बीच में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा जीरा गिट्टी डालकर औपचारिक मरम्मत की जाती है, जो कुछ ही दिनों में फिर उखड़ जाती है। इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
कुछ लोग इस मुद्दे को राजनीति से जोड़ने का प्रयास करते हैं। यदि जनता की समस्या उठाना राजनीति है, तो हाँ, मैं जनता की आवाज़ उठा रहा हूँ। लेकिन सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा किसी दल का नहीं, बल्कि जनहित का विषय है। इस सड़क पर केवल मैं नहीं चलता, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता चलती है।
यह समय एक-दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि समाधान निकालने का है। चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, जनता को अच्छी सड़क चाहिए। विकास का पैमाना राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि जनता को मिलने वाली सुविधाएँ होती हैं।
रनचिराई–गुण्डरदेही मार्ग का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन का अधिकार मिल सके। यही इस क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की मांग है।
रवि तिवारी – भाठागांव(आर),
गुण्डरदेही

