परस साहू बालोद
बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 500 मीटर की दूरी में एक 100 स्क्वायर फीट की एक दुकान में खून की जांच कैसे संभव है आपको बता दे की स्वास्थ्य विभाग की मौन सहमति के चलते एक लैब संचालक के द्वारा अपने लैब में किसी दूसरे व्यक्ति से खून जांच कर मरीजों को खून जांच के नाम पर अनाप-शनाप राशि लेते हैं जबकि उनकी अधिकतर जो वर्तमान में खून जांच के नाम में जो दुकानदारी चला रहे हैं पता नहीं इनके पास डिग्री है या नहीं है यह लैब संचालक दूसरे के भरोसे में अपनी डिग्री का दुरुपयोग करते हुए खून जांच कर रहे हैं जिनकी भुगतान आम हितग्राही भुगत रहे हैं कई बार उनकी खून जांच की रिपोर्ट भी गलत निकल जाते हैं
जो व्यक्ति लैब में बैठकर सोशल मीडिया में बयान दे रहा है इसका स्पष्ट कहना है कि जिसके नाम में डिग्री है वह धमतरी में रहता है लेकिन दूसरा व्यक्ति जो है संचालन कररहे हैं,, क्या आपने डिग्री को किराया में दिया है, यह खून जांच के नाम से दुकानदारी खोल के रखा है।
क्षेत्र की जनता के लिए चिंता के विषय है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा के सुशासन है और गुंदरदेही में कांग्रेस की विधायक है क्या जीवनदीप समिति में ऐसे क्लिनिक समीक्षा नहीं होती यह समीक्षा होती है तो इन पर जनप्रतिनिधि कुंभकरणीय नींद पर क्यों है एक व्यक्ति नाम नहीं छापने के शर्ट में बताया है कि खून टेस्टिंग के समय खून निकलने के 24 घंटे के अंदर उनके नस के जगह में बहुत बड़ा घाव के रूप ले लिया था ऐसी लापरवाही लैब संचालक पर स्वास्थ्य विभाग क्यों मेहरबान है।
इस हमारी खबर पर स्वास्थ्य विभाग या लैब संचालक संबंधित स्टेटमेंट देना है तो आपका विचार प्रमुखता से रखा जाएगा।

